Monday, June 1, 2020
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पकड़े गए पाकिस्तान उच्चायुक्त के दो जासूस, कल तक भारत छोड़ने के दिए गए आदेश

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नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायोग के 2 अधिकारियों को आज भारतीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा जासूसी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। भारत ने उन्हें भारत ने उन्हें पर्सोना-नॉन ग्रेटा घोषित किया है।

अब दोनों ही अफसरों को कल भारत छोड़ना के निर्देश भी दिए गए है। दोनों को ही 24 घंटो में भारत छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। पाकिस्तान के चार्ज डे अफेयर के समक्ष भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ पाकिस्तान के उच्चायोग के इन अधिकारियों की गतिविधियों के संबंध में विरोध दर्ज कराया गया है। बता दें कि खबर है कि नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायोग के 2 अधिकारियों, आबिद हुसैन और मुहम्मद ताहिर को भारतीय से भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के दस्तावेज प्राप्त करते हुए और पैसे और एक आईफोन सौंपते हुए पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा था।

दिल्ली से गाजियाबाद और नोएडा जाने वाले लोगों को अब भी नहीं मिलेगी राहत, प्रवेश के लिए दिखाना होगा ई- पास

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पूरे देश में कोरोनावायरस के चलते लॉक डाउन किया गया था। वहीं अब भारत सरकार ने अनलॉक -1 जारी किया है। आज लॉक डाउन 4 का आखरी दिन है वही कल से अनलॉक- 1 की शुरुआत होगी। ऐसे में भारत सरकार ने सभी राज्यों को यह छूट दी थी कि वह एक राज्य से दूसरे राज्य जाने का फैसला खुद रह सकते हैं। ऐसे में दिल्ली से गाजियाबाद और नोएडा जाने वाले रास्ते भी खुल जाएंगे ऐसा दिल्लीवासी सोच रहे थे। लेकिन अब खबर है कि दिल्ली से गाजियाबाद और नोएडा जाने के लिए लोगों को अभी मूवमेंट पास की जरूरत होगी।

उत्तर प्रदेश के गौतम बुध नगर हेल्थ डिपार्टमेंट ने रविवार को एक रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गौतम बुध नगर में पिछले 20 दिनों में सभी को कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों में संक्रमण के 42% मामले का सोर्स दिल्ली से ही है। इसे देखते हुए नोएडा प्रशासन ने यह तय किया है कि नोएडा दिल्ली बॉर्डर की स्थिति जैसे पहले थी उसी तरह से बनी रहेगी। यानी अब लोगों को दिल्ली से नोएडा जाने के लिए लोगों को पहले कि तरह मूवमेंट पास की जरूरत होगी।

वहीं गाजियाबाद जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि दिल्ली-गाजियाबाद के बीच आवागमन पूर्व की भांति ही नियंत्रित रहेगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी सोसायटी में कोई केस पॉजिटिव पाया जाता है तो संबंधित टावर ही सील किया जाएगा। नोएडा और गाजियाबाद में कल से दफ्तर खुल रहे हैं। इसे देखते हुए जगह-जगह जाम लगने की आशंका काफी ज्यादा रहेगी। यानी अभी दिल्लीवासियों को इन जगहों पर जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। जिनके पास मूवमेंट पास नहीं है उनको गाजियाबाद नोएडा में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

राजधानी दिल्ली में फूटा कोरोना बम, 24 घंटे में रिकॉर्ड 1295 मामले हुए दर्ज

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राजधानी दिल्ली में कोरोनावायरस के मामले अब और तेजी से बढ़ने लगे हैं। पिछले 24 घंटे में राजधानी दिल्ली में रिकॉर्ड 1295 नए मामले दर्ज किए गए हैं। 1295 मामले अब तक दिल्ली में सबसे ज्यादा 24 घंटे में आने वाले मामले हैं। जिससे अब राजधानी दिल्ली में कोरोनावायरस संक्रमित लोगों का कुल आंकड़ा 19844 हो चुका है। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार हजार से ज्यादा कोरोनावायरस संक्रमित मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

हालांकि राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ती रही हैं लेकिन इस घातक वायरस से ठीक होने वालों की तादाद भी बढ़ती जा रही है। जो कि दिल्लीवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे का रिकॉर्ड देखा जाए तो दिल्ली में 416 कोरोनावायरस संक्रमित मरीज ठीक हुए हैं। इसी के साथ अब राजधानी दिल्ली में डिस्चार्ज माइग्रेट हुए लोगों की संख्या 8478 हो चुकी है। हालांकि दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 13 लोगों की मौत भी हो चुकी है। पहले दिल्ली में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या बहुत कम थी लेकिन अब यह बढ़ने लगी है। इसी के साथ राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस से मरने वालों की कुल संख्या 473 हो चुकी है। दिल्ली में भी कोरोनावायरस से मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।

राजस्थानी दिल्ली में कोरोनावायरस के आते मामले 10893 है। वहीं 28 मई से लगातार हजार से ज्यादा कोरोना वायरस के मामले दिल्ली में दर्ज किए जा रहे हैं। जहां 28 मई को 1024, 29 मई को 1106, 30 मई को 1163, वहीं आज राजधानी दिल्ली में रिकॉर्ड 1295 कोरोनावायरस संक्रमित मामले दर्ज किए गए हैं।

बलरामपुर : प्रवासी मजदूरों की आमद से लगातार बढ़ रहा कोरोना संक्रमण का खतरा

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बलरामपुर- बलरामपुर में लगभग 75 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिक पहुँच चुके है। इन प्रवासी श्रमिको की आमद लागतार बढ रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुये जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार आने वाले लोगो की मानीटरिंग कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के साथ ही क्वारंन्टाइन भी करवा रहा है।

अब आने वाले प्रवासियों के लिये ट्रान्जिट कैम्प की व्यवस्था की गयी है। इस समय जिले में 13 ट्रान्जिट कैम्प कार्य कर रहे है। इन्ही ट्रान्जिट कैम्पो में प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद प्रवासियों को होम क्वारंटाइन के लिये भेज दिया जाता  है। विदेश से आने वाले लोगो के लिये जिले में पाँच इन्स्टीट्यूशनल क्वारंन्टाइन सेन्टर बनाये गये है। जिले में आने वाले प्रवासी श्रमिको को उनके समुदाय में पहुँचने से पहले कई स्तर के चेकअप किये गेये है यही कारण है कि 75 हजार शर्मिको की आमद के बाद भी जिले में कुल संक्रमित मरीजो की संख्या अभी तक 38 पहुँची है जिनमें से 21 मरीज ठीक होकर अपने घर वापस जा चुके है। इस समय जिल में मात्र 17 कोरोना पाजटिव मरीज है जिनका एल-वन अस्पताल में इलाज चल रहा है।

क्या 2022 में अखिलेश और शिवपाल यादव एक साथ लड़ेंगे चुनाव? जानिए इस खबर का पूरा सच

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  • क्या शिवपाल यादव की सपा में वापसी तय
  • आखिर चाचा पर नरम क्यों पड़ रहे है अखिलेश यदव
  • क्या 2022 में साथ आएंगें चाचा भतीजे

जी हां ये वो सवाल है जिनके जवाब पर यूपी की सियासत का न सही लेकिन हां यूपी की सबसे बड़ी और पूरानी पार्टी का भविष्य जरुर निर्भर करता हैं। 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव सपा के बूरी तरह हारने के बाद सपा में हार की ठीकरा एक दूसरे के सर फोड़ने की एक होड़ सी लग गई और 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों ने समाजवादी परिवार में ऐसी फूट डाली की भाई से भाई अलग हो गया। चाचा से भतीजा अलग हो गया और यूपी की सत्ता पर कई बार राज करने वाली समाजवादी पार्टी भी दो हिस्सों में बंट गई।

सपा से अलग होकर मुलायम सिंह यादव के भाई और अखिलेश यादव के चाचा साथ ही सपा के सबसे विश्वसनीय,दिग्गज और पूराना चेहरा य़ानि शिवापाल यादव समाजवादी पार्टी से अलग हो गए और 29 अगस्त 2018 को प्रसपा यानी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर दिया और प्रसपा के अध्यक्ष बन गए शिवपाल यादव और उधर सपा ने शिवपाल यादव की विधायकी रद्द करवाने के लिए विधानसभा में याचिका दाखिल कर दी।

उधऱ प्रसपा के चुनावी चिन्ह पर ही 2019 के लोकसभा चुनाव में शिवपाल यादव चुनावी मैदान में उतरे लेकिन वहां पर प्रसपा कुछ खास कर नही पाई। ऐसे में सपा की भी हालत प्रसपा से कुछ खास अच्छी नही थी। ऐसे में हालात दोनो के एक जैसे थे। खबरें सामने आने लगी की शिवपाल में सपा में शामिल होने के संकेत दिए है। लेकिन सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने इन खबरों पर कोई मुहर नही लगाई हैं। लेकिन अब हाल ही मे एक निजी चैनल पर दिए गए अपने एक बयान में अपने चाचा शिवपाल यादव के लिए अखिलेश यादव कुछ ऐसा कह गए की सपा में शिवपाल यादव की वापसी की खबरें और पुख्ता होने लगी हैं। अखिलेश यादव ने कहा था कि जसवंत नगर सीट से समाजवादी पार्टी कोई भी उम्मीदवार नहीं उतारेगी।


अखिलेश यादव के इस बयान पर न सिर्फ उत्तर प्रदेश की सियासत गर्मा गई। बल्कि सपा खेमें में भी जो लोग मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव को एक सांथ एक मंच पर देखने के आदी हैं। जो लोग भतीजे को चाचा शिवपाल का आर्शीवाद लेते हुए और चाचा शिवपाल को भतीजे अखिलेश यादव को आर्शीवाद लेते हुए देखना चाहते हैं उनकी आंखों सपा में शिवपाल यादव की वापसी की उम्मीद फिर से जग गई हैं क्योकि एक तरफ जहां  समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव के खिलाफ विधानसभा में शिवपाल यादव के खिलाफ डाली गई अपनी याचिका को वापस ले लिया हैं। वही अखिलेश यादव ने बयान दे दिया है कि सपा जसवंत नगर विधानसभा सीट पर 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में अपना कोई उम्मीदवार नही उतारेगी।

उधर सियासी गलियारों में यूपी के नेता प्रतिपक्ष और सपा के सबसे अनुभवी चेहरे यानी रामगोविंद यादव का बयान भी काफी सुर्खियों में हैं। सियासी गलियारों में ये खबरें काफी तेज़ी से फैल रही हैं कि सपा के बड़े चेहरे रामगोविंद चौधरी ने सपा में शिवपाल यादव की वापसी की बात पर कुछ हद तक मुहर लगा दी हैं। वही दूसरी खबर जो यूपी की राजनीति में  जंगल की आग तरह फैल रही हैं वो ये है कि प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने सपा में वापसी की बात पर इंकार तो नही किया लेकिन हां अपने कद के मुताबिक पद की मांग जरुर कर दी हैं।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयान में उनके लहज़े में अपने चाच शिवपाल यादव के लिए नरमी तो नज़र आ रही हैं ..साथ ही अखिलेश यादव के  जसवंत नगर सीट से सपा की तरफ से कोई उम्मीदवार न उतारने के फैलने ने ये तो साफ कर दिया है कि सपा के दरवाज़े शिवपाल यादव के लिए खुले हैं लेकिन कद के मुताबिक पद का जो शिगुफा शिवपाल यादव ने छोड़ा है वो शिगुफा अखिलेश यादव के मिज़ाज को और यूपी की सियासत को कितना गर्माता है ये देखने वाली बात होगी।

यूपी सरकार ने जारी की अनलॉक -1 की गाइडलाइंस, यहां जाने यूपी में क्या खुलेगा क्या रहेगा बंद

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कल भारत सरकार ने देश में अनलॉक -1 का ऐलान किया है। जिसमें लॉक डाउन 4 के बाद बहुत सी चीजें खोल दी गई हैं। जहां लॉक डाउन 4 में बहुत सी चीज बंद थी वही अनलॉक -1 में यह खोल दी गई है। सरकार ने लॉक डाउन को तीन चरणों में खोलने की बात कही है। वही अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अनलॉक -1 को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है।केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार यूपी सरकार की एडवाइजरी जारी की गई है।

8 जून से धर्मस्थल पूजा स्थल जन सामान्य के लिए खुलेंगे

यूपी में 30 जून तक रहेगा लॉकडाउन।

यूपी में 8 जून से खुलेंगे होटल, रेस्टोरेंट।

एनसीआर में डीएम और कमिश्नर तय करेंगे सुरक्षा व्यवस्था।

शहरी क्षेत्र में साप्ताहिक मंडी नहीं खुलेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंडी खुलेंगी।

मिठाई की दुकानों में बैठाकर खिलाया नहीं जा सकता।

अंतरराज्यीय परिवहन की अनुमति के साथ विदेशी देशों में फॉ देशों की संधि के मुताबिक आवागमन होगा।

कंटेनमेंट जोन में धार्मिक स्थल, होटल या मॉल नहीं खोले जा सकते।

वाहनों में मास्क लगाकर और आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करना आवश्यक है।

यूपी में 3 चरणों मे खुलेंगे दफ्तर।

कंटेनमेंट जोन छोड़कर खुलेंगे धार्मिक स्थल।

यूपी में बाजार सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक खुलेंगे।

यूपी में सुपर मार्केट भी खुलने के आदेश।

बारात घर भी खोलने की अनुमति मिली।

बारात घर में 30 लोग ही शामिल हो पाएंगे।

बारात में हवाई फायरिंग पर सख्त रोक।

सैलून खुलेंगे लेकिन कर्मचारी फेस मास्क जरूर लगाएंगे।

सैलून में एक ही तौलिए का बार-बार उपयोग नहीं होगा।

टैक्सी, कैब और ई-रिक्शा को भी अनुमति मिली।

फल मंडी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुलेगी।

रोडवेज चलाने की भी अनुमति मिली।

बसों में सेनेटाइजेशन किया जाएगा।

बस में फेस मॉस्क लगाना अनिवार्य होगा

शर्तों पर चलेंगी प्राइवेट बसें।

दोपहिया वाहन पर 2 लोगों की चलने की अनुमति मिली।

पार्कों को खोलने के भी आदेश दिए गए. पार्क सुबह और शाम 5 बजे से 8 बजे तक खोले जाएंगे।

खेल परिसर और स्टेडियम खोलने के भी आदेश. दर्शकों को अनुमति नहीं होगी।

सरकारी दफ्तरों में शिफ्ट में 100 प्रतिशत कर्मचारी बुलाये जाएंगे।

 

कोरोना काल में दिल्ली सरकार नहीं दे पा रही अपने कर्मचारियों को वेतन, केंद्र से 5000 करोड़ की मांगी मदद

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राजधानी दिल्ली में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच एक और संकट उत्पन्न हो गया है। यह संकट है कर्मचारियों को वेतन देना। जी हां दिल्ली सरकार को अपने कर्मचारियों को वेतन देने में संकट पैदा हो रहा है। जिसके लिए दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से 5000 करोड रुपए की सहायता तत्काल रूप से देने की मांग की है। इसके लिए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस भी की है। जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से 5000 करोड रुपए की मदद मांगी है। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कहा है कि केंद्र सरकार से निवेदन है आपदा की इस घड़ी में दिल्ली के लोगों की मदद कीजिए।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अपने कर्मचारियों को केवल वेतन देने और ऑफिस के खर्च वहन करने के लिए 3500 करोड़ रुपये हर महीने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के रेवेन्यू पर काफी असर पड़ा है। पिछले दो महीने में 500-500 करोड़ रुपये जीएसटी से आए हैं। अन्य स्रोतों से हुई आमदनी को भी जोड़ दें, तो कुल 1735 करोड़ रुपये का राजस्व आया है। इस दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार पर आए संकट के बारे में बात की है।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि “मैंने केंद्रीय वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखकर दिल्ली के लिए 5 हज़ार करोड़ रुपए की राशि की माँग की है। कोरोना व लॉकडाउन की वजह से दिल्ली सरकार का टैक्स कलेक्शन क़रीब 85% नीचे चल रहा है। केंद्र की ओर से बाक़ी राज्यों को जारी आपदा राहत कोष से भी कोई राशि दिल्ली को नहीं मिली है।”

इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर लिखा कि “केंद्र सरकार से निवेदन है कि आपदा की इस घड़ी में दिल्ली के लोगों की मदद करे।”

औरैया : लगभग 3 महीने के लॉक डाउन के बाद अब फफूंद स्टेशन पर एक जून से छह एक्सप्रेस ट्रेनों का होगा ठहराव

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लगभग 3 महीने के लाक डाउन के बाद अब लॉक डाउन 5.0 में ट्रेनों के संचालन की अनुमति सरकार द्वारा दिए जाने के बाद रेलवे ने फफूंद स्टेशन पर भी पूरी तैयारियां कर ली है। 1 जून से दिल्ली हावड़ा रूट पर स्थित फफूंद स्टेशन पर छह एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव दिया गया है। जिनमें से दिल्ली से अलीपुर जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस,लखनऊ से दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस और बांद्रा से गोरखपुर के बीच चलने वाली अवध एक्सप्रेस शामिल है। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन ना हो इसके लिए अब रेलवे स्टेशन पर 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे पहले पहुंचना होगा।

ट्रेनों के ठहराव को लेकर जीआरपी और आरपीएफ ने फफूंद स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। किसी तरह की गड़बड़ी ना हो इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। आपको बता दें कि इन ट्रेनों में अभी केवल आरक्षित टिकट से यात्रा की जा सकेगी। जिसके साथ यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। रेलवे प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेनों में सफर के लिए अनरिजर्व्ड टिकट उपलब्ध नहीं होगा और ना ही टिकट चेक करने वाला टिकट बना सकेगा। वही किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी ना हो इसके लिए रेल प्रशासन के अधिकारियों ने बताया है कि कोरोना को लेकर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के दौरान लेकर  रेलवे प्रशासन मुस्तैद है।

रिपोटर अरुण बाजपेयी औरैया

नेपाल की संसद में पेश हुआ विवादित नक्शा, जिसमें भारत के तीन हिस्से हैं शामिल

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नेपाल और भारत में लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। नेपाल में एक बार फिर अपनी इस जिद पर अड़ गया है जिसमें नेपाल बार-बार भारत के हिस्से को अपना बता रहा है। अब इसके संबंध में नेपाल ने इसका संशोधन बिल अपनी संसद में भी पेश किया है। जिसके बाद अब विवाद और बढ़ गया है। नेपाल कि कानून मंत्री शिवमाया तुंबाहंफे ने यह बिल संसद में पेश किया है। नेपाल के नए नक्शे में भारत के हिस्से का कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपना बताया गया है। हालांकि नेपाल इससे पहले भी सांसद में बिल पेश करना चाह रहा था लेकिन वह बिल पेश नहीं किया गया था।

बरसों से नेपाल भारत का मित्र रहा है लेकिन अब नेपाल भारत के हिस्से को अपना बताकर इस दोस्ती के खिलाफ जा रहा है। नेपाल की कांग्रेस नेपाल के नक्शे को अपडेट करने के लिए संसद में संविधान संशोधन का समर्थन कर रही है। नेपाल इन तीनों जगहों पर हुई अपना करने पर तुला है। नेपाल का नक्शा बदलने को लेकर यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इससे पहले नेपाल के नक्शे में यह जगह नहीं थी जिसे वह अब अपना बता रहा है।

हालांकि भारत सरकार ने भी नेपाल को पहले ही चेतावनी दी थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि नेपाल को भारत की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। भारत ने एक दोस्त की तरह नेपाल को समझाया था बावजूद इसके नेपाल का यह कदम भारत के खिलाफ जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था कि हम नेपाल सरकार से अपील करते हैं कि वो ऐसे बनावटी कार्टोग्राफिक प्रकाशित करने से बचे। साथ ही भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे।